गौरवपूर्ण पहल — हमारी पहचान, हमारी प्रतिभाएँ, हमारा इतिहास
पशुपालन एवं डेयरी विभाग, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कल्याण समिति, म.प्र.
पशुपालन एवं डेयरी विभाग, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी विभागीय कल्याण समिति म.प्र. द्वारा वर्ष 2023 में प्रकाशित अविरल धारा स्मारिका हमारे विभाग की एकता, समर्पण और बहुआयामी प्रतिभाओं का एक जीवंत दस्तावेज है।
यह केवल एक प्रकाशन नहीं, बल्कि हमारे विभागीय परिवार की पहचान, भावनाओं और उपलब्धियों का सशक्त प्रतिबिंब है।
इस स्मारिका के माध्यम से कर्मचारियों की छुपी हुई रचनात्मक प्रतिभाओं को एक सशक्त मंच मिला है — लेख, कविताएँ, विचार और अनुभव जो यह प्रमाणित करते हैं कि हमारा विभाग केवल कार्यकुशल ही नहीं, बल्कि संवेदनशील और सृजनशील व्यक्तित्वों से भी समृद्ध है।
इस प्रकाशन का मुख्य उद्देश्य विभाग के सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों के बीच आपसी परिचय, समन्वय और आत्मीयता को सुदृढ़ करना है। साथ ही, यह जानना भी उतना ही आवश्यक है कि हमारे बीच कितनी विविध प्रतिभाएँ और क्षमताएँ मौजूद हैं — यही इस स्मारिका की वास्तविक सार्थकता है।
इसमें विभागीय संरचना का विवरण, विभिन्न पदों पर कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारियों की जानकारी, उनके संपर्क (मोबाइल नंबर) तथा उनके द्वारा जनहित में किए गए सामाजिक एवं परोपकारी कार्यों की झलक भी प्रस्तुत की गई है।
इस प्रकाशन में समाहित महत्वपूर्ण खंड एवं सामग्री
विभाग में कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारियों का विस्तृत परिचय, जिससे सभी साथी एक-दूसरे को जान सकें।
विभाग एवं समाज में किए गए उत्कृष्ट कार्यों का समावेश — कर्मचारियों की कर्तव्यनिष्ठा का प्रमाण।
कर्मचारियों द्वारा लिखे गए लेख, कविताएँ, विचार और अनुभव — सृजनशीलता का अनूठा संगम।
विभागीय संरचना का विस्तृत विवरण एवं विभिन्न पदों पर कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों की जानकारी।
सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों के संपर्क विवरण (मोबाइल नंबर), आपसी जुड़ाव के लिए।
जनहित में किए गए सामाजिक एवं परोपकारी कार्यों की झलक — समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी।
जिनके समर्पण एवं अथक प्रयासों से यह प्रकाशन सम्भव हुआ
इस स्मारिका के संपादन का दायित्व श्री विनय कुमार द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। उनके समर्पण एवं परिश्रम से यह प्रकाशन विशेष रूप से समृद्ध एवं प्रभावशाली बन सका।
सह-संपादन का कार्य कु. पारुल सोनी द्वारा कुशलतापूर्वक संपन्न किया गया। उनके अथक प्रयासों ने स्मारिका को और भी सार्थक एवं व्यापक बनाया।
हम ही हैं विभाग की असली ताकत, और हमारी एकता ही हमारी सबसे बड़ी पहचान है।